Gorakhpur/ Dammam (24 अक्टूबर 2026): मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और दुखद खबर सामने आई है। सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (King Fahd International Airport) पर गुरुवार रात हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में गोरखपुर निवासी कमलेश पांडेय की मौत हो गई। शुक्रवार देर रात जैसे ही इस दुखद हादसे की सूचना उनके पैतृक गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
बस ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे कमलेश; हाल ही में आए थे घर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक कमलेश पांडेय (उम्र लगभग 35 वर्ष) गोरखपुर जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले किशनपुर बगही गांव के निवासी थे:
रोजगार के लिए गए थे विदेश: कमलेश अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए साल 2022 में सऊदी अरब गए थे। वह दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के परिसर में चलने वाली बस सेवा में बतौर चालक (Driver) कार्यरत थे।
छुट्टियां बिताकर लौटे थे: परिजनों ने बताया कि कुछ ही महीने पहले वह छुट्टियों पर अपने गांव आए थे और परिवार के साथ समय बिताने के बाद वापस सऊदी अरब लौटे थे।
मिसाइल व ड्रोन हमले की चपेट में आया एयरपोर्ट परिसर
सऊदी अरब पर हूती लड़ाकों द्वारा किए गए अचानक हवाई हमले के दौरान हवाई अड्डे के भीतर भारी तबाही हुई। इसी हमले की चपेट में आने से कमलेश पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी जान चली गई।
21 अक्टूबर को हुई थी आखिरी बात: कमलेश के भाई ने रोते हुए बताया कि 21 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे उनकी कमलेश से व्हाट्सएप पर बात हुई थी। इससे पहले कमलेश ने अपनी पत्नी और बच्चों से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनका हाल-चाल लिया था।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल; पार्थिव शरीर लाने की गुहार
कमलेश अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके वृद्ध पिता हरिश्चंद्र पांडेय किसान हैं। कमलेश के परिवार में उनकी पत्नी, दो नन्हीं बेटियां, बूढ़े माता-पिता और भाई हैं।
प्रशासनिक मदद की आस: घटना के बाद से ही पूरे गांव में चूल्हा नहीं जला है। शोकाकुल परिजन और ग्रामीण भारत सरकार तथा स्थानीय प्रशासन से कमलेश के पार्थिव शरीर (Dead Body) को जल्द से जल्द सऊदी अरब से उनके पैतृक गांव गोरखपुर मंगवाने की गुहार लगा रहे हैं।



