New Delhi, (12 अक्टूबर 2026): मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) विवाद को लेकर सोमवार को राजधानी में विपक्षी दलों का प्रदर्शन चरम पर पहुँच गया। बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक निकले ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के विशाल पैदल मार्च में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हुए। खुली गाड़ी पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ मौजूद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए।
‘फर्जी वोटर लिस्ट और चुनावी नतीजों में धांधली की साजिश’
मार्च के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, “आंदोलन और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेंगे। देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। भारतीय जनता पार्टी चुनाव आयोग के साथ सांठ-गांठ करके लोकतंत्र को खत्म करने में लगी है ताकि वे किसी भी तरह हमेशा सत्ता में बने रहें।”
सपा प्रमुख ने मतदाता सूची विवाद पर निशाना साधते हुए कहा, “देशभर में फर्जी मतदाता सूचियां तैयार की जा रही हैं, फर्जी वोट डलवाए जा रहे हैं और चुनावी नतीजों में खुलकर गड़बड़ी की जा रही है। सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए और इस कठपुतली बने चुनाव आयोग को तत्काल हटाना चाहिए। भाजपा को अपनी गलतियां स्वीकार करनी होंगी।”
‘स्थान बदलने से सरकार की नाकामियां नहीं छिपेंगी’
जंतर-मंतर पर पाबंदियों और प्रदर्शन स्थल बदले जाने के सवाल पर सपा अध्यक्ष ने कहा, “केवल विरोध प्रदर्शन की जगह बदल देने से सरकार के पाप और नाकामियां नहीं छिप सकतीं। अगर सरकार वास्तव में लोकतंत्र को मजबूत करना चाहती है, तो उसे नागरिकों को विरोध जताने के लिए और अधिक स्थान उपलब्ध कराने चाहिए। हम कानूनी और लोकतांत्रिक दायरे में रहकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।”



