Home » राष्ट्रीय » मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ भारत में भारी बवाल, विदेशी मीडिया में भी चर्चा गरम

मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ भारत में भारी बवाल, विदेशी मीडिया में भी चर्चा गरम

Gyanesh Kumar Protest
Facebook
X
WhatsApp

New Delhi: भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) प्रक्रिया के ख़िलाफ़ विपक्ष और युवा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज़ हो रहा है. इस राजनीतिक हलचल की गूँज अब केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रिटेन, कतर, पाकिस्तान और अमेरिका जैसे देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स भी इसे प्रमुखता से कवर कर रहे हैं.

दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसदों के अलावा युवा संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर वोटर लिस्ट से लाखों जायज़ मतदाताओं, विशेषकर अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के नाम हटाए जा रहे हैं.

विदेशी मीडिया ने कैसे की कवरेज?

द गार्डियन (ब्रिटेन): ब्रिटेन के इस प्रमुख समाचार पत्र ने इसे भारत की लोकतांत्रिक और चुनावी साख पर उठे सवाल के रूप में देखा है. ‘द गार्डियन’ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगे जाने को रेखांकित किया. साथ ही लिखा कि विपक्षी दलों और युवा आंदोलनों के दबाव के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग तेज़ी से उठ रही है.

अल जज़ीरा (कतर): अल जज़ीरा ने विपक्षी नेताओं की हिरासत और ‘कॉकरोच आंदोलन’ नाम से चर्चित युवा प्रदर्शनकारियों की भूमिका पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की. मीडिया हाउस ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा कि युवा आंदोलन और विपक्षी दलों का एक साथ सड़क पर आना सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक परीक्षा-काल साबित हो सकता है.

डॉन और जियो न्यूज़ (पाकिस्तान): पाकिस्तानी मीडिया ने राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों की हिरासत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल की एक बड़ी चुनौती बताया. जियो न्यूज़ ने भारतीय समाचार पत्रों के हवाले से चुनाव आयोग के भीतर आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई पर अपनी रिपोर्ट केंद्रित की.

फॉरेन पॉलिसी (अमेरिका): अमेरिकी डिजिटल पत्रिका ने अपने विश्लेषण में लिखा कि चुनाव आयोग से जुड़े विवाद ने विपक्ष और जन आंदोलनों को एक साझा मुद्दा दे दिया है. हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि इस आंदोलन को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखना कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के संगठनात्मक तंत्र पर निर्भर करेगा.

चुनाव आयोग का पक्ष

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है. आयोग का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया का एकमात्र उद्देश्य वोटर लिस्ट को पारदर्शी बनाना है, जिससे मृत, स्थान परिवर्तित कर चुके या अपात्र लोगों के नाम हटाकर सूची को अपडेट किया जा सके.

How to Get AdSense Approval for News a Portal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

News Portal Development Services in Uttar Pradesh

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें