New Delhi: संसद सत्र के बीच राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल और सुरक्षा व्यवस्था चरम पर पहुँच गई है. विपक्ष और सीजेपी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शनों के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व सरकार को घेरने के लिए रणनीतिक बैठकों और सार्वजनिक दौरों के ज़रिए पूरी तरह एक्शन मोड में नज़र आ रहा है.
दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था, 10 अक्टूबर को सील होगी नई दिल्ली
विपक्ष के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन को देखते हुए पूरी दिल्ली में 43,000 सुरक्षाकर्मियों और अर्धसैनिक बलों (CAPF) की 221 कंपनियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह सख्त पहरा 8 से 12 अक्टूबर तक जारी रहेगा.
प्रशासन ने 10 अक्टूबर को नई दिल्ली क्षेत्र को पूरी तरह से सील करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
राहुल गांधी के सरप्राइज दौरों से सियासी सरगर्मी
एक तरफ जहाँ दिल्ली में सुरक्षा का कड़ा पहरा है, वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने अचानक किए जा रहे दौरों (सरप्राइज विजिट्स) से हलचल मचा रहे हैं. राहुल गांधी आम जनता और कर्मचारियों से जुड़ने के लिए लगातार अलग-अलग जगहों पर पहुँच रहे हैं:
आकाशवाणी भवन: दो दिन पहले राहुल गांधी अचानक आकाशवाणी भवन पहुँचे और वहाँ कैजुअल कर्मचारियों से उनकी समस्याओं पर बातचीत की.
जंतर-मंतर: कल वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे नागरिकों और समूहों के बीच पहुंचे थे. इन दौरों के बाद सियासी गलियारों में यह उत्सुकता बनी हुई है कि राहुल गांधी आज कहाँ जाकर सरप्राइज देंगे.
खड़गे की ‘लंच डिप्लोमेसी’ और आगामी रणनीति
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी के सांसदों को एक बार फिर दोपहर के भोजन (लंच) पर आमंत्रित किया है. संसद सत्र के दौरान आयोजित इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, इस लंच मीटिंग में संसद के भीतर सरकार को घेरने, विपक्ष की एकजुटता और राहुल गांधी के जनसंपर्क अभियानों को आगे बढ़ाने पर गहन मंथन किया जाएगा.



