नई दिल्ली: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के लाइसेंस को लेकर अरबपति कारोबारी एलन मस्क और मुकेश अंबानी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मस्क द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर सीधा हमला बोले जाने के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। हालाँकि, राहुल गांधी के इस कदम ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनका रुख इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक लाइन से मेल खाता है या अलग है?
एलन मस्क ने क्या कहा?
स्टारलिंक (Starlink) को भारत में पिछले पांच वर्षों से लाइसेंस न मिलने से नाराज एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए सरकार और मुकेश अंबानी पर निशाना साधा। मस्क ने सवाल उठाया कि जब स्टारलिंक भारत के सभी कानूनों का पालन कर रही है, तो उसे अनुमति में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने पूछा, “क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?” हालाँकि, केंद्र सरकार ने मस्क के इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि भारत का स्पेक्ट्रम और लाइसेंसिंग ढांचा पूरी तरह निष्पक्ष और भेदभाव मुक्त है।
राहुल गांधी का मस्क को समर्थन और ‘दूसरे शख्स’ का जिक्र
मुकेश अंबानी और गौतम अडानी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सांठगांठ का आरोप लगाते रहे राहुल गांधी ने मस्क के बयान को हाथोंहाथ लिया। राहुल ने मस्क के ट्वीट को रीपोस्ट करते हुए लिखा, “भारत में आपका स्वागत है, एलन। जरा इंतजार कीजिए, जब आपको यहाँ के दूसरे शख्स (अडानी) के बारे में पता चलेगा।” इस पर मस्क ने भी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “धन्यवाद राहुल, यह वाकई चिंता की बात है।”
क्यों उठ रहे हैं राहुल गांधी के रुख पर सवाल?
राहुल गांधी की यह टिप्पणी एलन मस्क के समर्थन में देखी जा रही है, जबकि स्टारलिंक और मस्क को लेकर कांग्रेस पार्टी का पुराना रुख इसके विपरीत रहा है।
जयराम रमेश का पुराना बयान: पिछले साल 13 मार्च को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एयरटेल-जियो और स्टारलिंक की साझेदारी पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि स्टारलिंक की एंट्री के पीछे की रणनीति प्रधानमंत्री द्वारा तैयार की गई है ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संबंध सुधारे जा सकें।
राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता: जयराम रमेश ने स्टारलिंक को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया था कि आपात स्थिति में कनेक्टिविटी को नियंत्रित करने का अधिकार किसके पास रहेगा—स्टारलिंक के पास या भारत सरकार के पास?
विरोधाभासी रुख: एक तरफ कांग्रेस पार्टी स्टारलिंक की एंट्री को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताकर सरकार पर मस्क को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाती रही है, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी अब मस्क की टिप्पणी के सहारे सरकार और अंबानी पर निशाना साध रहे हैं।
इस वजह से अब राजनीतिक गलियारों में सवाल पूछा जा रहा है कि क्या अंबानी का विरोध करने की जल्दबाजी में राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी की पुरानी रणनीति से अलग लाइन ले ली है।



