नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आसपास के इलाके से कई वकीलों को हिरासत में ले लिया है, जिनमें सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) सुमिता हजारिका भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद कानूनी हलकों में हलचल मच गई है।
वकीलों के चैंबर के पास से हुई कार्रवाई
‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, वकीलों के बीच आपस में साझा किए गए संदेशों से यह जानकारी मिली है कि सुप्रीम कोर्ट के पास और अधिवक्ताओं के चैंबर के नजदीक से कम से कम चार वकीलों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें दो एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड भी शामिल हैं। पुलिस इन सभी को एक वाहन में बैठाकर अज्ञात स्थान की ओर ले गई। हिरासत में लिए गए एक वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें यह भी नहीं बताया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।
सामने आई एक तस्वीर में तीन महिला अधिवक्ता पुलिस वाहन के भीतर वर्दीधारी कर्मियों के साथ बैठी नजर आ रही हैं। वहीं, कुछ अन्य संदेशों में दावा किया गया कि लगभग 100 अधिवक्ताओं को हिरासत में लेकर यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ले जाया गया है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
CJI के हस्तक्षेप के बाद मिली राहत
इस पूरी घटना के बाद वकीलों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने तुरंत इस मामले में संज्ञान लिया और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। वकीलों की अपील पर कार्रवाई करते हुए CJI ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए सभी अधिवक्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए। इस घटना ने राजधानी में सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस कार्रवाई के तरीकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



