नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के घोषित प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 25 से 30 हजार जवानों को राजधानी के चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। कड़े पहरे और पाबंदियों के बीच पुलिस ने विरोध प्रदर्शन से जुड़े कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।
जंतर-मंतर के बजाय दिल्ली हाट पहुंचे प्रदर्शनकारी
सीजेपी के पूर्व-घोषित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के चलते ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समर्थकों के साथ पुलिस को चकमा देकर दिल्ली हाट पहुंच गईं और वहां प्रदर्शन करती नजर आईं। हालांकि, कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें और अन्य प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नेहा बोरा के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और सीपीआई-एमएल (CPI-ML) के जनरल सेक्रेटरी दीपांकर भट्टाचार्य को सफदरजंग फ्लाईओवर के पास से हिरासत में लिया गया। इससे पहले नेहा बोरा ने सोशल मीडिया के जरिए समर्थकों से दिल्ली हाट जुटने की अपील की थी और कहा था कि “अब यही जंतर-मंतर होगा।”
फ्लाइट और घरों के पास भी हुई कार्रवाई
प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही कड़े कदम उठाए थे। सीजेपी के प्रमुख चेहरों में शुमार अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया। इसके अलावा, लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना है।
दूसरी ओर, राजधानी में मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने और आवाजाही पर रोक लगाने के प्रशासन के फैसलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका भी दाखिल की गई है। राजधानी में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है।



