New Delhi : राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति न मिलने और अभिजीत दीपके, नेहा बोरा, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता (Climate Activist) सोनम वांगचुक भड़क उठे हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए देश में ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी स्थिति होने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो वह फिर से अनशन या पदयात्रा पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
“लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार छीना जा रहा”
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सरकार से कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध की वकालत की है और उन्हें उम्मीद थी कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लोगों को अपनी आवाज उठाने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन जिस तरह से छात्र नेताओं, वकीलों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार और हिरासत में लिया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है।
लद्दाख से दिल्ली तक अनशन की दी चेतावनी
अब तक इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखने वाले सोनम वांगचुक के तेवर शनिवार शाम को पूरी तरह बदले नजर आए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि अगले 24 घंटे में सभी प्रदर्शनकारियों को ससम्मान रिहा किया जाए।
वांगचुक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यदि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के प्रति नरमी नहीं दिखाई और उन्हें रिहा नहीं किया, तो मैं भी एक शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता चुनने के लिए बाध्य हो जाऊंगा। वह चाहे दिल्ली या लद्दाख में अनशन हो, धरना हो या फिर पदयात्रा।” हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार स्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए जल्द उचित कदम उठाएगी।



