New Delhi (14 अक्टूबर 2026): देश भर के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पूर्व मानसून के दक्षिण भारत में दस्तक देने के साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 14 से 19 अक्टूबर 2026 के बीच देश के करीब 15 राज्यों में झमाझम बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
दिल्ली और उत्तर भारत में आंधी-तूफान का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, आज (14 अक्टूबर) हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। खासतौर पर 14 से 15 अक्टूबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 40 से 50 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) की तेज रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने का ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि की भी आशंका है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बरसेंगे बादल
मध्य भारत की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15-16 अक्टूबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ क्षेत्र में 16 से 19 अक्टूबर और छत्तीसगढ़ में 13 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान 30-40 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी दी गई है।
दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय व आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इसके विपरीत कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में फिलहाल गर्मी और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
मौसम बदलने से कब दस्तक देगी ठंड?
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में मानसून की विदाई के बाद अब सुबह और शाम के समय हल्की-फुल्की ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन आगामी बारिश के दौर के बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे धीरे-धीरे गुलाबी ठंड की दस्तक शुरू हो जाएगी। फिलहाल रात के समय हल्की चादर या रजाई की जरूरत महसूस होने लगी है, जबकि दिन में तेज धूप के चलते गर्मी का अहसास बना रह सकता है।



