New Delhi (15 अक्टूबर 2026): दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर न्याय की मांग कर रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता और अन्य लोगों को गुरुवार तड़के पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और बाद में छोड़े जाने की घटना पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस कार्रवाई पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सरकार की क्रूरता करार दिया है।
‘सरकार अपने ही नागरिकों से इतनी क्रूर क्यों?’ — अभिजीत दीपके
अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हटाए जाने के तुरंत बाद सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए लिखा:
“यह हम सभी के लिए शर्म की बात होनी चाहिए! अंकिता भंडारी के माता-पिता इस तरह के अमानवीय बर्ताव के हकदार नहीं हैं। सरकार अपने ही नागरिकों के साथ इतनी क्रूरता क्यों कर रही है?”
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा:
“अंकिता के माता-पिता को न्याय देने के बजाय मुख्य अभियुक्त को राज्यपाल बनाया जा रहा है और उसके बाद उसके पीड़ित माता-पिता के साथ इस तरह की बेरहमी की जा रही है।”
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता और समर्थक दिल्ली के इंडिया गेट पर एकत्रित हुए थे। गुरुवार तड़के पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें मौके से हिरासत में ले लिया था। हालांकि, कुछ देर बाद पुलिस ने सभी को छोड़ दिया, लेकिन इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।



