Jalaun/UP, ( 23 अक्टूबर 2026): उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन स्थित कालपी तहसील के पथरेहटा खंड संख्या-6 में अवैध खनन का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि यमुना नदी क्षेत्र में स्वीकृत खनन पट्टे की आड़ में खनन माफिया द्वारा आसपास के गरीब किसानों की निजी कृषि भूमि पर भी अवैध रूप से भारी खुदाई की जा रही है। इस अवैध गतिविधि में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
एक दर्जन से अधिक प्रतिबंधित पोकलेन मशीनें सक्रिय; दिन-रात खुदाई
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों के अनुसार, खनन क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर 12 से अधिक भारी-भरकम पोकलेन (Excavator) मशीनें दिन-रात चलाई जा रही हैं:
नियमों की अनदेखी: जलधारा और नदी के पारितंत्र (Ecosystem) को नुकसान पहुंचाने वाली प्रतिबंधित भारी मशीनों के इस्तेमाल से NGT के सख्त नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
किसानों की भूमि पर कब्जा: पट्टा क्षेत्र की सीमाओं को लांघकर किसानों की निजी जमीन पर बुलडोजर और पोकलेन चलाकर मौरंग व बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है।
जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बावजूद कार्रवाई न होने पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निगरानी और खनन विभाग की भूमिका पर खड़ा हो रहा है:
प्रशासनिक शिथिलता: आरोप है कि जालौन के जिलाधिकारी (DM) द्वारा अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाकर जांच करने से कतरा रहे हैं।
पट्टाधारक पर मेहरबानी: नियम विरुद्ध कार्य कर रहे पट्टाधारक के खिलाफ अब तक कोई ठोस विभागीय या कानूनी कार्रवाई न होना प्रशासनिक साठगांठ की ओर इशारा कर रहा है।
जांच और कार्रवाई पर टिकीं क्षेत्रवासियों की निगाहें
पथरेहटा के पीड़ित किसानों और आम लोगों की नजरें अब जिला प्रशासन और खनन विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर सीमांकन (Survey) कराती है और दोषी पट्टाधारक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) व जुर्माने की कार्रवाई करती है या नहीं।



