Mumbai (28 अक्टूबर 2026): दलाल स्ट्रीट पर आज का दिन ऐतिहासिक रहा, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफ़ॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd.) ने शेयर बाज़ार में अपनी जोरदार दस्तक दी। देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक के सफल समापन के बाद, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 21.36% के प्रीमियम के साथ ₹1,358 प्रति शेयर पर सूचीबद्ध (List) हुए। आईपीओ में इसके शेयर का इश्यू प्राइस ₹1,119 तय किया गया था।
लिस्टिंग और सेरेमनी की मुख्य बातें
धमाकेदार शुरुआत: 21.3% से अधिक के प्रीमियम पर लिस्टिंग के साथ ही निवेशकर्ताओं को प्रति शेयर सीधा प्रीमियम लाभ मिला। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स बाज़ार पूंजीकरण (Market Cap) के लिहाज से देश की शीर्ष मूल्यवान कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है।
दग्गजों की मौजूदगी में बजा बेल: शेयर बाज़ार में डेब्यू के उपलक्ष्य में आयोजित ‘बेल रिंगिंग सेरेमनी’ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और NSE के एमडी व सीईओ आशीष चौहान उपस्थित रहे।
ईशा अंबानी का भावुक संबोधन: धीरूभाई और मुकेश अंबानी का जिक्र
रिलायंस इंडस्ट्रीज की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कंपनी के सफर को याद करते हुए एक प्रेरणादायक संबोधन दिया:
धीरूभाई अंबानी की सोच: ईशा अंबानी ने कहा कि रिलायंस को आम नागरिकों और छोटे निवेशकों की भागीदारी से जोड़ने का विज़न उनके दादा धीरूभाई अंबानी का था।
1977 का पहला IPO: उन्होंने बताया कि वर्ष 1977 में जब उनके पिता मुकेश अंबानी की उम्र मात्र 20 वर्ष थी, तब उन्होंने रिलायंस के सबसे पहले पब्लिक इश्यू पर काम किया था। उस दौर में कंपनी ने मात्र ₹10 करोड़ के कुल मूल्यांकन पर बाज़ार से ₹2.82 करोड़ जुटाए थे।
21वीं सदी का नया कीर्तिमान: 1977 के उस छोटे से आईपीओ से लेकर आज जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के बहु-अरब डॉलर के वैश्विक डिजिटल साम्राज्य में बदलने का यह सफर भारतीय कॉरपोरेट इतिहास की सबसे बड़ी सफलता गाथाओं में से एक है।



