New Delhi (27 अक्टूबर 2026): जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और अधिक गंभीर रूप ले चुका है। कैंपस के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू किए जाने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘शर्मनाक दौर’ करार दिया है, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने छात्रों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
जामिया कैंपस के बाहर तनाव और प्रशासनिक सख्ती
धारा 163 का शिकंजा: छात्र आंदोलन के 16वें दिन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करते हुए यूनिवर्सिटी के बाहर धारा 163 लागू कर दी गई है। गेट नंबर 12 समेत कई निकास द्वारों को वेल्डिंग करके बंद किया जा रहा है।
छात्रों का आंदोलन जारी: छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से प्रदर्शन चल रहा है और वर्तमान में दो छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रशासन ने कक्षाओं को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया है और कैंपस में छात्रों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है।
सुरक्षा बलों की तैनाती: स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए यूनिवर्सिटी परिसर के आसपास 15 से अधिक डिटेंशन बसें और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और शिक्षा मंत्री का बयान
सीजेपी का तीखा हमला: कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि पहले नई दिल्ली और अब जामिया में विरोध की आवाज़ों को दबाने के लिए धारा 163 का इस्तेमाल किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की अपील: सीबीएसई एक्सपीरियंस सेंटर के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों के साथ बातचीत के प्रयास जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक दशक से अधिक समय से चुनाव नहीं हुए हैं, लेकिन छात्रों की चिंताओं के समाधान के लिए एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे कानून-व्यवस्था को हाथ में न लें।



