Muzaffarnagar/ UP (28 अक्टूबर 2026) : भारतीय किसान यूनियन ( तोमर ) ने जनपद बिजनौर में एक वन रेंजर द्वारा किसानों के खिलाफ दर्ज कराए गए कथित फर्जी मुकदमों और गिरफ्तारियों के विरोध में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन ने आगामी 3 नवंबर 2026 को लखनऊ कूच करने और 4 नवंबर 2026 से राजधानी लखनऊ में अनिश्चितकालीन महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है।
महापंचायत की मुख्य बातें और रणनीति
भाकियू ( तोमर ) लखनऊ कूच – मुख्य विवरण
• लखनऊ कूच की तिथि : 3 नवंबर 2026
• महापंचायत का समय : 4 नवंबर 2026 से (अनिश्चितकालीन)
• मुख्य विवाद : बिजनौर में वन रेंजर द्वारा किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमे व गिरफ्तारियां
• मुख्य मांगें : गन्ने का भाव ₹600/क्विंटल, बकाया भुगतान, कोरोना काल के मुकदमे वापसी (कुल 36 मांगें)

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर का कड़ा रुख
भारतीय किसान यूनियन ( तोमर ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने मुजफ्फरनगर और आसपास के जनपदों से भारी संख्या में किसानों को लखनऊ पहुंचने का आह्वान किया है:
बिजनौर घटना पर आक्रोश: चौधरी संजीव तोमर ने बताया कि गत 7 सितंबर को बिजनौर में वन विभाग के एक रेंजर द्वारा किसानों पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसके विरोध में 4 नवंबर को मुख्य वन संरक्षक/अधिकारियों के समक्ष पंचायत शुरू की जाएगी।
अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी: संगठन ने साफ किया है कि जब तक किसानों पर दर्ज किए गए सभी फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक लखनऊ में यह महापंचायत अनिश्चितकालीन समय के लिए जारी रहेगी।
36 सूत्रीय मांग पत्र: महापंचायत के दौरान सरकार को 36 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें मुख्य रूप से गन्ने का समर्थन मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करने, मिलों द्वारा गन्ने के बकाया भुगतान का तुरंत निस्तारण करने और कोविड-19 (कोरोना काल) के दौरान किसानों व आम नागरिकों पर दर्ज मुकदमों को पूरी तरह रद्द करने की मांगें शामिल हैं।



