New Delhi (17 अक्टूबर 2026): दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कला संकाय (Arts Faculty) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के संयुक्त आह्वान पर छात्रों ने एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया। “Stop Anarchy, Embrace Democracy” संदेश के साथ आयोजित इस प्रदर्शन के जरिए विद्यार्थियों ने देश में अराजकता फैलाने वाली प्रवृत्तियों का कड़ा विरोध किया और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
संवैधानिक संस्थाओं और निष्पक्ष चुनाव का समर्थन
हाल के दिनों में चुनाव आयोग की भूमिका और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विमर्श के बीच डीयू के विद्यार्थियों ने साफ किया कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सर्वोपरि है, लेकिन अराजकता को राजनीति का विकल्प नहीं बनाया जा सकता।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) की राजनीति का विरोध करते हुए जिम्मेदार राजनीतिक आचरण अपनाने और संवैधानिक मर्यादाओं में रहकर अपनी बात रखने का संदेश दिया।
छात्र नेताओं का बयान:
“लोकतंत्र केवल विरोध करने का अधिकार नहीं, बल्कि असहमति को संवैधानिक मर्यादाओं में व्यक्त करने की जिम्मेदारी भी है। राजनीतिक स्वार्थों के लिए भ्रम और अराजकता पैदा करना स्वीकार्य नहीं है। दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र जागरूक है और वह लोकतांत्रिक विमर्श तथा अराजकता के अंतर को बेहतर समझता है।”
– सार्थक शर्मा (प्रदेश मंत्री, अभाविप दिल्ली)
“दिल्ली विश्वविद्यालय राष्ट्रीय विमर्श की महत्वपूर्ण भूमि है। चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर चर्चा तथ्यों और तर्कों के आधार पर होनी चाहिए। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत रहे और मतभेदों का समाधान हमेशा संवाद से निकले।”
– यश डबास (अध्यक्ष, DUSU



