New Delhi (17 अक्टूबर 2026): कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने इस संबंध में ताजा अपडेट देते हुए दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
“वकीलों को मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही”: रत्ना सिंह
सीजेपी लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक, अभिजीत दीपके को गिरफ्तारी के बाद किस पुलिस स्टेशन या स्थान पर रखा गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी परिजनों या लीगल टीम को अब तक नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वकीलों की टीम को उनसे मिलने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।
पिछले 6 दिनों में दूसरी बार हिरासत में लिए गए दीपके
दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में आयोजित तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था। BNSS की धाराओं के तहत कार्रवाई: ‘बार एंड बेंच’ के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि दीपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत निरोधात्मक हिरासत (Preventive Detention) में लिया गया था।
दूसरी बार हुई हिरासत: बीते छह दिनों के भीतर दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पूर्व उन्हें उड़ान भरते ही हिरासत में लिया गया था, हालांकि अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था।
आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल में
दूसरी ओर, CJP से जुड़े दो अन्य प्रमुख कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। दोनों कार्यकर्ताओं को 13 अक्टूबर की सुबह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था।
मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और सीजेपी की लीगल टीम अदालत से राहत पाने के लिए प्रयासरत है।



