नई दिल्ली: मध्य यूरोप में भारत के प्रमुख सहयोगी पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुँचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहे इस दौरे से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। लगभग 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पोलैंड के किसी प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है।
इस उच्चस्तरीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा, व्यापार, तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।
दौरे से जुड़े प्रमुख आकर्षण और बड़े बिंदु:
रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार: अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी के पोलैंड दौरे के समय दोनों देशों के संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) में बदला गया था। यह दौरा उसी समझौते को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में एक अहम कदम है।
रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा सहयोग: सैन्य उपकरणों के निर्माण, रक्षा तकनीक के हस्तांतरण और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत संयुक्त विनिर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा हो रही है।
100 कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल: पोलैंड से करीब 100 प्रमुख कारोबारियों और वित्तीय विशेषज्ञों का दल भी भारत आया है। नई दिल्ली और बेंगलुरु में आयोजित बिजनेस समिट्स के ज़रिए व्यापारिक निवेश के नए अवसर तलाशने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी और स्पेस टेक्नोलॉजी: स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु संरक्षण और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्रों में दोनों देश उन्नत तकनीकों का आदान-प्रदान करेंगे।
भारत-यूरोपीय संघ (EU) संबंध: यूरोपीय परिषद (European Council) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके डोनाल्ड टस्क के इस दौरे से भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को भी बल मिलेगा।
वैश्विक भू-राजनीति के बदलते दौर में पोलैंड का यह दौरा मध्य यूरोप में भारत के बढ़ते प्रभाव और आर्थिक साख को दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए बेहद फलदायी साबित होगी।



