लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस लाइन में आयोजित स्मृति परेड में शामिल होकर कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद जवानों के अदम्य साहस, त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के भत्तों में बढ़ोतरी, पुलिस बल के विस्तार, आधुनिकीकरण और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक सतत दायित्व और शपथ है। विजयादशमी के अवसर पर जब लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार की खुशियां मना रहे थे, तब पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे, ताकि प्रत्येक नागरिक निर्भय होकर उत्सव का आनंद ले सके। उन्होंने कहा कि शहीदों के प्रति राष्ट्र का ऋण ऐसा है, जिसे कभी चुकाया नहीं जा सकता। उनके बलिदान और आदर्शों को याद रखना पूरे समाज का दायित्व है।
माफिया के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था पर जोर
प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपराधियों और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि माफिया तत्वों की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त वातावरण देने और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में हुए 815 दंगों का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था में आए बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड में शहीद हुए एसपी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव को भी याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों, महिलाओं, बेटियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को ‘उपद्रव से उत्सव प्रदेश’ की ओर बढ़ता हुआ बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
पुलिसकर्मियों के भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान
पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने मोटरसाइकिल भत्ते को 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का ऐलान किया। इसके अलावा सीपीएस कैडर के अधिकारियों का वर्दी भत्ता 4,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने तथा कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का फुल ड्यूटी भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों की सुविधाओं, सुरक्षा और कल्याण का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पांच लाख से अधिक पुलिस परिवारों के कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती
पुलिस बल के विस्तार और आधुनिकीकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में दो लाख 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जबकि 35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उनके मुताबिक, महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हो गई है। पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता में भी वृद्धि की गई है, ताकि नए जवानों को बेहतर प्रशिक्षण देकर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में साइबर थाने और पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित करने के साथ आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है।
देशभर में 154 पुलिसकर्मी शहीद, यूपी के छह जवान शामिल
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के छह जवान भी शामिल हैं।
डीजीपी ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके सेवा भाव, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को अपने आचरण में अपनाना है। उन्होंने अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा और पुलिस प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
पुलिस स्मृति दिवस-2026 का आयोजन शहीद जवानों के सर्वोच्च बलिदान को याद करने और पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान देने के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सुरक्षा, अपराध पर नियंत्रण, माफिया के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस बल के कल्याण को लेकर सरकार अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।



