New Delhi (13 अक्टूबर 2026): राजधानी नई दिल्ली में आयोजित पहली बीआईएमएसटीईसी (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के पड़ोसी प्रथम (Neighbourhood First) और वैश्विक शांति के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। गृह मंत्री ने कहा कि पहली बीआईएमएसटीईसी गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करना भारत के लिए अत्यंत गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संगठन क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
वसुधैव कुटुम्बकम और संप्रभुता के प्रति प्रतिबद्धता
अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह ने भारत की प्राचीन अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हमेशा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (विश्व एक परिवार है) की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहा है और आज भी इन सिद्धांतों पर दृढ़ता से कायम है।
गृह मंत्री ने भारत की वैश्विक नीति को स्पष्ट करते हुए कहा, “भारत ने कभी किसी देश पर हमला करने या किसी पर अपना दबदबा बनाने में विश्वास नहीं किया है। भारत ने हमेशा प्रत्येक देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और आपस के मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में भरोसा जताया है।”
क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर साझा रणनीति
इस तीन दिवसीय बैठक में बीआईएमएसटीईसी के सदस्य देशों (बंगलादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड) के बीच आतंकवाद, साइबर अपराध, मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी और सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा की जा रही है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सामूहिक सुरक्षा ही इस पूरे बंगाल की खाड़ी क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का मुख्य आधार है।



