नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर घमासान मच गया है। दिल्ली पुलिस की कड़ी मुस्तैदी और हाई-अर्ट के चलते प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के दौरान सीजेपी के प्रमुख नेताओं को पुलिस ने विमान (फ्लाइट) के अंदर से ही हिरासत में ले लिया, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है।
“मैं गिरफ्तार होने आया हूं, लेकिन आप फ्लाइट के अंदर कैसे आए?”
मुंबई से दिल्ली पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने फ्लाइट के अंदर ही हिरासत में ले लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं तो यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं, लेकिन आप फ्लाइट के अंदर कैसे आ गए?” पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए तीनों नेताओं को हिरासत में लिया और उन्हें अलग-अलग सुरक्षित ठिकानों पर ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अभेद्य किले में तब्दील हुई राजधानी, 20 हजार जवान तैनात
सीजेपी के इस विरोध-प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी को किसी अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली की सड़कों पर 20,000 से अधिक सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग तक चप्पे-चप्पे पर पहरा बैठा दिया गया है। स्थिति पर पैनी नजर रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इंटरनेट बंद और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां
सुरक्षा प्रबंधों के तहत जनपथ और जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में एहतियातन इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बाधित किया गया है। इसके अलावा, यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगभग 45 मेट्रो स्टेशनों के कुछ एंट्री-एग्जिट गेट बंद रखे गए हैं। हालांकि, यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं, जिससे लोगों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा सके।
विपक्ष का हमला और प्रशासन का कड़ा रुख
दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने और नेताओं की ताबड़तोड़ हिरासत पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकारों का गला घोट रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि शहर की शांति, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य था। इलाके में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और स्थिति पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में है।



