Washington / New Delhi (16 अक्टूबर 2026): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल और अपनी ज़मीनी सेना (Ground Troops) की तैनाती को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। न्यूज़मैक्स (Newsmax) को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं करेगा और न ही ईरान की ज़मीन पर अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया जाएगा।
“परमाणु बम की ज़रूरत नहीं”: डोनाल्ड ट्रंप
ईरान के साथ जारी तनाव के बीच परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के सवाल पर ट्रंप ने कहा: “मैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करूंगा। हमें ऐसा करने की कोई ज़रूरत नहीं है।”
‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB) का जिक्र
ट्रंप ने साक्षात्कार के दौरान अमेरिका के सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु बम यानी ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (Mother of All Bombs – MOAB) का भी उल्लेख किया। सीएनएन (CNN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर संभावित सैन्य अभियानों के लिए इस विशालकाय और विनाशकारी बम के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है।
ट्रंप ने इसे गैर-परमाणु हथियार बताते हुए स्पष्ट किया कि “यह एक बहुत बड़ा और बेहद शक्तिशाली बम है, लेकिन यह परमाणु हथियार नहीं है।”
रूस और चीन के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर बातचीत
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए ट्रंप ने यह भी साझा किया कि अमेरिका वैश्विक स्तर पर परमाणु निरस्त्रीकरण (Nuclear Disarmament) के मुद्दे को लेकर रूस और चीन के साथ बातचीत कर रहा है।
मिडटर्म चुनावों से पहले घटी ट्रंप की लोकप्रियता
उल्लेखनीय है कि अमेरिका में जल्द ही मिडटर्म (मध्यवधि) चुनाव होने वाले हैं। हालिया जनमत सर्वेक्षणों और सर्वे के अनुसार, ईरान के साथ बढ़ते युद्ध तनाव और सैन्य संघर्ष की संभावनाओं के कारण राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है, जिसे देखते हुए उनका यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।



