Mumbai, Maharashtra (13 अक्टूबर 2026): महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्षी गठबंधन (INDIA) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च पर तीखा हमला बोला है। एकनाथ शिंदे ने इसे देश के न्यायशास्त्र के इतिहास का “काला दिन” करार देते हुए कहा कि सर्वोच्च अदालत जैसी संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने का यह प्रयास सीधे तौर पर भारत की न्याय व्यवस्था और संविधान का अपमान है।
सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाना अंबेडकर के संविधान का अपमान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित देश की स्वतंत्र न्याय प्रणाली पर हमला करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि देश में रोज-रोज मोर्चा निकालना और सुप्रीम कोर्ट जैसी शीर्ष अदालत पर आंदोलन करके दबाव बनाना सभी सीमाओं को पार करने जैसा है।
अंतरराष्ट्रीय साजिश की जताई आशंका
एकनाथ शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी गहरी साजिश का अंदेशा जताया। उन्होंने कहा, “देश की सर्वोच्च न्याय व्यवस्था के खिलाफ ऐसी कार्रवाई मुझे एक बहुत बड़ी साजिश लगती है, जो एक अंतरराष्ट्रीय साजिश भी हो सकती है। इसमें शामिल लोगों के आचरण को देखकर ऐसा नहीं लगता कि उनके मन में देश के प्रति कोई प्रेम या देशभक्ति है।”
संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ फर्जी नैरेटिव का आरोप
चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि ये देश की स्वायत्त और संवैधानिक संस्थाएं हैं। जनता के बीच इन संस्थाओं को लेकर बार-बार अविश्वास पैदा करना और झूठा या फर्जी नैरेटिव फैलाना बेहद गलत व खतरनाक परंपरा है।



