नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ कई पत्रकारों को भी हिरासत में ले लिया है, जिससे मीडिया जगत और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश फैल गया है।
मीडिया संस्थानों के बयान: “कहा गया- कोई “मीडिया नहीं है”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लिए गए पत्रकार प्रमुख डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स न्यूज़लॉन्ड्री (Newslaundry), स्क्रॉल डॉट इन (Scroll.in) और नवभारत टाइम्स से जुड़े हुए हैं।
न्यूज़लॉन्ड्री ने अपने आधिकारिक बयान में घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब उनके पत्रकारों ने पुलिस को बताया कि वे मीडिया से हैं, तो उन्हें जवाब मिला, “कोई मीडिया नहीं है।” संस्थान ने आरोप लगाया कि पत्रकारों के फोन भी छीन लिए गए और करीब 30 लोगों (प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों) को एक ही बस में भरकर ले जाया गया। बयान में कहा गया, “पत्रकारों का काम खबरें देना है, विरोध प्रदर्शन करना नहीं। पुलिस को जवाब देना चाहिए कि किस आधार पर पत्रकारों के फोन जब्त किए गए और उन्हें हिरासत में लिया गया।”
वहीं, ‘स्क्रॉल डॉट इन‘ ने बताया कि उनके एक पत्रकार को आईटीओ के पास उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब वे जंतर-मंतर पर भी नहीं थे। उनका प्रेस कार्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था और उन्होंने कई बार पुलिस को अपनी पहचान बताई, इसके बावजूद उन्हें जबरन वैन में बैठा लिया गया।
नवभारत टाइम्स के पत्रकार भी हुए थे डिटेन
नवभारत टाइम्स के संपादक आशीष पांडे ने भी जानकारी दी कि दिल्ली पुलिस ने उनके संस्थान के दो पत्रकारों को हिरासत में ले लिया था और उन्हें दरियागंज की तरफ ले जाया जा रहा था, जबकि उनकी टीम के पास साफ दिखने वाले मीडिया आईडी कार्ड मौजूद थे। हालांकि, बाद में राहत भरी खबर आई कि एनबीटी से जुड़े उन पत्रकारों को रिहाई मिल गई है।
पहले कंटेंट क्रिएटर्स भी आए थे चपेट में
गौरतलब है कि इससे पहले भी सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए कुछ कंटेंट क्रिएटर्स औरयूट्यूबर्स को हिरासत में लिया था, जिनमें मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी और ‘काव्या कर्नाटक’ के नाम भी शामिल हैं। मीडिया संगठनों ने पत्रकारों की इस तरह की गई हिरासत को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया है और बिना किसी बाधा के पत्रकारों को अपना काम करने देने की मांग की है।



