सीतापुर/मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित हमले के मामले की जांच का दायरा अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में हथियारों की आपूर्ति को लेकर सीतापुर और आजमगढ़ की दो महिलाओं के नाम सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
सीतापुर के गांव पहुंची पुलिस, पड़ोसियों से पूछताछ
मामला सीतापुर जिले के मिश्रिख थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कमरसेपुर गांव का है। यहां की रहने वाली राधा का नाम टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित हमले में प्रयुक्त हथियारों की सप्लाई से जोड़ा जा रहा है।
इसी सिलसिले में स्थानीय पुलिस ने कमरसेपुर गांव पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने राधा के पड़ोसियों और ग्रामीणों से पूछताछ कर उसके बारे में विस्तृत जानकारियां जुटाई हैं। गांव में पुलिस के पहुंचने के बाद से ही चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, पुलिस की इस शुरुआती पूछताछ को अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना गया है।

मां ने बेटी को बताया पूरी तरह निर्दोष
दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आई राधा की मां ने अपनी बेटी का बचाव किया है। उन्होंने मीडिया और पुलिस के सामने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी बेटी को पूरी तरह निर्दोष बताया है। परिवार का कहना है कि उनका इस मामले से कोई दूर-दूर तक वास्ता नहीं है।
आजमगढ़ की ‘बबीता’ का नाम भी चर्चा में
जांच के दौरान सिर्फ सीतापुर की राधा ही नहीं, बल्कि आजमगढ़ की बबीता का नाम भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों महिलाओं पर कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े मामलों में हथियारों की खरीद-फरोख्त या सप्लाई से जुड़े होने का शक जताया जा रहा है।
विशेष सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में इन दोनों महिलाओं के नाम सामने आए थे, जिसके आधार पर अब जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल, कानूनन यह स्पष्ट है कि केवल नाम सामने आने या पूछताछ किए जाने मात्र से किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में दोनों महिलाओं की वास्तविक भूमिका क्या थी, यह पूरी तरह से पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही साफ हो सकेगा। जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।



