New Delhi (13 अक्टूबर 2026): कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई एक कथित विवादित टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि (Criminal Defamation) मामले में निचली अदालत (Trial Court) की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है।
बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। राहुल गांधी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि की शिकायत को रद्द करने से इनकार कर दिया था। सर्वोच्च अदालत ने मामले में चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा राहुल गांधी का पक्ष
अदालत में राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। यह पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक कार्यकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई आपराधिक मानहानि की शिकायत से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी की कथित टिप्पणी न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बल्कि पूरी भारतीय जनता पार्टी और उसके सदस्यों की साख व प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती है। शिकायतकर्ता का तर्क था कि पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते उसे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने का कानूनी अधिकार है।
ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर फिलहाल स्टे
सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल निचली अदालत में इस मामले की कार्यवाही पर ब्रेक लग गया है। चार हफ्ते बाद जवाब दाखिल होने के बाद शीर्ष अदालत इस मामले में अगली सुनवाई करेगी।



