Washington / New Delhi (14 अक्टूबर 2026): भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्तूबर तक भारत और उज़्बेकिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय (US State Department) द्वारा जारी बयान के अनुसार, भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री रुबियो महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और गुजरात के औद्योगिक केंद्र जामनगर का विशेष दौरा करेंगे। यह चालू वर्ष 2026 में विदेश मंत्री मार्को रुबियो की दूसरी भारत यात्रा होगी, इससे पहले वे मई 2026 में चार दिवसीय दौरे पर भारत आए थे।
उज़्बेकिस्तान में C5+1 बैठक और द्विपक्षीय वार्ता
भारत आने से पहले मार्को रुबियो उज़्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित ‘C5+1’ मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस कूटनीतिक मंच के जरिए अमेरिका और मध्य एशियाई देशों (उज़्बेकिस्तान, कज़ाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिस्तान) के बीच रणनीतिक सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा होगी।
भारत दौरे का एजेंडा: ऊर्जा सहयोग और औद्योगिक निवेश पर जोर
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, उज़्बेकिस्तान यात्रा के समापन के बाद विदेश मंत्री भारत पहुंचेंगे। भारत यात्रा के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित रहेंगे:
ऊर्जा सहयोग (Energy Cooperation): जामनगर दौरा ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा/रिफाइनिंग क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी को एक नई दिशा देगा।
व्यापारिक नेताओं से संवाद: मुंबई और जामनगर में वे भारत के शीर्ष उद्योगपतियों और व्यावसायिक दिग्गजों से मुलाकात कर अमेरिका-भारत आर्थिक संबंधों व द्विपक्षीय निवेश के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
रणनीतिक एवं वैश्विक मुद्दे: भारतीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्वाड (Quad) साझेदारी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में सुरक्षा और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श होगा।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई और जामनगर जैसे प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों का दौरा यह स्पष्ट करता है कि अमेरिका-भारत संबंध अब केवल नई दिल्ली तक सीमित न रहकर व्यापारिक और ऊर्जा क्षेत्र में व्यावहारिक स्तर पर गहराई हासिल कर रहे हैं।



