New Delhi: यमन में एक बार फिर हिंसक संघर्ष तेज़ हो गया है. दक्षिण-पश्चिमी यमन में हूती विद्रोहियों ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए प्रमुख शहर ताइज़ की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है. इसी बीच, हूतियों ने यमन की सऊदी समर्थित सरकार के मुख्य केंद्र अदन (Aden) के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर एक मिसाइल और विस्फोटक हमला किया है.
यह हमला काहिरा (मिस्र) से आ रहे एक विमान की लैंडिंग से ठीक कुछ मिनट पहले हुआ. यमन में ब्रिटेन की राजदूत अब्दा शरीफ़ के अनुसार, इस हमले से हज़ारों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी. सुरक्षा कारणों से इस विमान को सऊदी अरब के जेद्दा शहर की ओर डायवर्ट करना पड़ा और अदन हवाई अड्डे की उड़ानों की सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी गई है.
ताइज़ पर क़ब्ज़े का ख़तरा और सऊदी अरब की कार्रवाई
स्वतंत्र सैन्य समीक्षकों के अनुसार, यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज़ पर हूतियों का क़ब्ज़ा होने का बड़ा ख़तरा मंडरा रहा है. स्थिति को देखते हुए सऊदी समर्थित सरकारी बल अदन की सुरक्षा के लिए पीछे हट रहे हैं. वहीं, सऊदी वायुसेना ने पश्चिमी हिस्सों में हूती लड़ाकों के जमावड़े को रोकने के लिए हवाई हमले तेज़ कर दिए हैं. इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रियाद समेत दो हवाई अड्डों को भी निशाना बनाने का दावा किया है. सऊदी अधिकारियों ने पहले हमले को विफल करने की बात कही, लेकिन बाद में तीन लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की पुष्टि की.
बाब अल-मंदेब और क्षेत्रीय स्थिति
दूसरी ओर, सरकार समर्थक ‘दक्कन जायंट्स फ़ोर्स’ (Southern Giant forces) रेड सी (लाल सागर) के प्रवेश द्वार यानी बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर दोबारा नियंत्रण पाने के लिए सैन्य अभियान चला रही है. ये बल फिलहाल धुबाब ज़िले के सैन्य हवाई अड्डा क्षेत्र में तैनात हैं. हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने एक संबोधन में सऊदी अरब पर फ़िलिस्तीन और लेबनान के मुद्दों पर गद्दारी करने का आरोप लगाया है. यमन के इस ताज़ा घटनाक्रम ने पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव को और बढ़ा दिया है.



