New Delhi (14 अक्टूबर 2026): भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत और परिचालन क्षमता में एक नया ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 16 अक्टूबर को स्वदेशी तकनीक से निर्मित बहुउद्देशीय युद्धपोत ‘समर्थक’ आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा। कर्नाटक के कारवार स्थित नौसेना अड्डे पर आयोजित एक विशेष समारोह में इस पोत को नौसेना का हिस्सा बनाया जाएगा। नौसेना के अनुसार, इस श्रेणी के कुल चार पोत बनाए जा रहे हैं, जिनमें ‘समर्थक’ इस सीरीज का पहला युद्धपोत है।
‘मेक इन इंडिया’ की मिसाल: अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस
केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इस पोत का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) द्वारा किया गया है। समुद्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को ध्यान में रखकर भारत में ही तैयार किए गए इस जहाज में स्वदेशी सेंसर, भारत में बने अत्याधुनिक हथियार और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां लगाई गई हैं। नौसेना के मुताबिक, इन सभी प्रणालियों को एक ‘एकीकृत युद्धक व्यवस्था’ (Integrated Combat System) से जोड़ा गया है, जिससे समुद्री अभियानों के दौरान सटीक और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
ड्रोन ऑपरेशन्स और मानवरहित प्रणालियों का प्रमुख बेस
‘समर्थक’ को केवल गश्त और निगरानी तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय भूमिकाओं के लिए तैयार किया गया है। यह पोत कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों, लक्ष्य तैनाती और विभिन्न सैन्य परीक्षणों में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही यह मानवरहित (Unmanned) और स्वायत्त प्रणालियों के संचालन के लिए एक प्रमुख ‘मदर शिप’ के रूप में काम करेगा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन भी लॉन्च किए जा सकेंगे।
आपदा राहत और अस्पताल में तब्दील होने की क्षमता
सैन्य अभियानों के अलावा, यह पोत मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) कार्यों में भी बेहद उपयोगी साबित होगा। किसी भी आपात स्थिति या आपदा के समय इसे सीमित चिकित्सा सुविधाओं वाले एक अस्थायी ‘अस्पताल पोत’ में तब्दील किया जा सकता है। इसके अलावा, समुद्र में बचाव और डूबे हुए जहाजों या वस्तुओं को निकालने (Search and Rescue) में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रतीक चिह्न और ध्येय वाक्य
‘समर्थक’ के प्रतीक चिह्न (Crest) में समुद्र की उठती लहरों के बीच से उभरता हुआ हाथी दर्शाया गया है, जो अपार शक्ति, बुद्धिमत्ता और फुर्ती का प्रतीक है। पोत का ध्येय वाक्य ‘विजयार्थम् एकनिष्ठता’ है, जिसका अर्थ है—”विजय ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।”
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘समर्थक’ का नौसेना में शामिल होना रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ की ओर एक बहुत बड़ा कदम है।



